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GST Kya Hai Full Jankari Hindi Me

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GST Kya Hai Full Jankari Hindi Me

What Is GST Bill in Hindi 3 अगस्त को जीएसटी बिल (GST BILL) लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया |  परन्तु ये क्या बला है GST BILL आइये आपको जीएसटी बिल (GST BILL) से जुड़े तथ्यों से अवगत कराते हैं :

What Is GST Bill in Hindi :

क्या है जीएसटी बिल (GST BILL)  :

जीएसटी मतलब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (Goods and Service Tax) पूरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर (टैक्स) है जो भारत को एकीकृत साझा बाजार(Common Market) बना देगा |

वस्तु एवं सेवा कर विधेयक (भारत) विनिर्माता (Manufacturer) से लेकर उपभोक्ता (Customer) तक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एक एकल कर (Only Tax) है | सभी लेवल पर भुगतान किए गए इनपुट करों का लाभ मूल्य संवर्धन के बाद के चरण में उपलब्ध होगा जो प्रत्येक चरण में मूल्य संवर्धन पर जीएसटी (GST ) को आवश्यक रूप से एक कर बना देता है |अंतिम उपभोक्ताओं (End Customer) को इस प्रकार आपूर्ति श्रृंखला में End Dealer द्वारा लगाया गया जीएसटी ही वहन करना होगा |

जीएसटी मतलब गुड्स एंड सर्विस टैक्स (Goods and Service Tax) के बारे में सरकार का दावा है कि इससे कस्टमर्स के लिए सभी वस्तुए सस्ती हो जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं है GST में Manufacturing की वस्तुए तो सस्ती होंगी, किन्तु सर्विस टैक्स (सेवा कर) महँगी हो जाएंगी जिससे कस्टमर पर इसका मिला-जुला असर होगा |

 

जीएसटी बिल (GST BILL) से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें :

1. GST सभी राज्यों के स्थानीय और केंद्र के करो को एक में ही समाहित कर देगा | सभी तरह के सामान और सेवाओं पर एक कर वसूला जाएगा | मान लीजिये कि GST की दर 20 % है तो सेंट्रल GST और राज्य GST में 10-10 % का डिवीज़न होगा |

2. सभी टैक्स और संरचनाओं की एकरूपता : GST यह सुनिश्चित करेगा कि अप्रत्यक्ष कर दरें और ढांचे पूरे देश में एक समान हो | इस कदम से निश्चिंतता में तो बढ़ोतरी होगी ही व्यापार करना भी आसान हो जाएगा या यूँ कहें कि जीएसटी देश में व्यापार के कामकाज को कर तटस्थ बना देगा फिर चाहे Business करने की जगह का चुनाव कहीं भी जाए |

3. बिज़नस प्रतिस्पर्धा में सुधार : बिज़नस करने में लेन-देन लागत घटने से व्यापार और उद्योग के लिए प्रतिस्पर्धा में सुधार को बढ़ावा मिलेगा |

4. गुड्स और सर्विस के मूल्य के अनुपाती एकल एवं पारदर्शी कर : केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए बहुल अप्रत्यक्ष टैक्स या मूल्य संवर्धन के प्रगामी चरणों में उपलब्ध गैर-इनपुट कर क्रेडिट के कारण आज देश में विभिन्न प्रकार के छिपे करों से अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं की लागत पर प्रभाव पड़ता है | GST के अधीन विनिर्माता से लेकर कस्टमर तक केवल एक ही कर लगेगा, इस वजह से अंतिम उपभोक्ता पर लगने वाले करों में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा |

GST के अंतर्गत प्रस्तावित रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं की महत्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार है :

1. वर्तमान Dealer – वर्तमान वैट/केंद्रीय प्रोडक्शन तथा सेवा कर देने वालों को जीएसटी के अंतर्गत पंजीकरण के लिए नया आवेदन नहीं कर पड़ेगा |
2. नए Dealer – जीएसटी के अंतर्गत पंजीकरण के लिए केवल एक Application Online भरा जाएगा |
3. रजिस्ट्रेशन नंबर पीएएन (PAN) आधारित होगी जो केंद्र और राज्य दोनों के काम आएगी |
4. दोनों टैक्स अधिकारियों को एकीकृत आवेदन |
5. प्रत्येक Dealer को यूनिक आईडी GSTIN दिया जाएगा |
6. तीन दिनों के अंदर मानित स्वीकृति किये जाएँगे |
7. केवल बड़े मामलों में पंजीकरण के बाद जांच |

केंद्र और राज्य स्तर पर GST में जिन करों को शामिल किया जा रहा है वो इस प्रकार हैं (What Is GST Bill in Hindi)
  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क
  • अतिरिक्त उत्पाद शुल्क
  • Service Tax
  • अतिरिक्त सीमा शुल्क आमतौर पर जिसे काउंटरवेलिंग ड्यूटी के रूप में जाना जाता है और
  • सीमा शुल्क का विशेष अतिरिक्त शुल्क
राज्य स्तर पर, निम्न करों को शामिल किया जा रहा है –
  • राज्य मूल्य संवर्धन कर/Sale Tax
  • Entertainment Tax (स्थानीय निकायों द्वारा लागू करों को छोड़कर)
  • केंद्रीय बिक्री कर (केंद्र द्वारा लागू और राज्य द्वारा वसूल किये जाने वाला)
  • चुंगी और प्रवेश कर
  • खरीद कर
  • विलासिता कर और लॉटरी, सट्टा और जुआ पर कर

GST Bill (जीएसटी बिल) के फ़ायदे :

  • कई स्तर पर लगने  वाले Tax समाप्त होंगे |
  • भारत एक ग्लोबल मार्केट का रूप ले लेगा |
  • Manufacturer पर टैक्स का बोझ कम होगा तो इससे वे अपना बिज़नस नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर ज्यादा प्रतियोगी रूप से बढ़ा पाएगा |
  • गुड्स और सर्विस पर एक दर से टैक्स की वसूली को लेकर चल रहे विवादों में कमी आएगी |
  • विदेशी Investors में भारत की छवि सुधरेगी और यहाँ कारोबार करना ज्यादा आसान हो जाएगा |

GST से प्रभावित होनेवाले क्षेत्र :

  1. टेलिकॉम सर्विस : कॉल रेट, Internet तथा दुसरे दूरसंचार सेवाओं पर 15 % सर्विस कर लगता है जिसमे करीब 3 फीसदी का इजाफा होगा |
  2. Banking सर्विस महँगी हो सकती है : अभी यहाँ प्रभावी दर 15 फीसदी है | GST के अधीन सर्विस टैक्स, लोन प्रोसेसिंग, Credit कार्ड फ़ी, बीमा प्रीमियम इत्यादि महँगे होंगे |
  3.  वेहिकल सस्ते होंगे : वैसे 30 से 47 फ़ीसदी के दायरे वाले सेक्टर में 20 से 22 % तक टैक्स आने की उम्मीद है |
  4. फार्मेसी सेक्टर पर असर कम होगा : वर्तमान में लागु टैक्स 6 % से भी कम है, जो अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग दर से लागु होता है |
  5. DTH (डायरेक्ट टू होम) सेवाओं पर दाम घटेंगे : DTH सेवा पर इस वक़्त करीब 20-21 % टैक्स है, जिसमे सर्विस और एंटरटेनमेंट टैक्स शामिल है, यह घट कर 18 % होने कि उम्मीद है |
  6. Cement सेक्टर फ़ायदे में रहेगा : 27 से 32 % टैक्स दर वाला यह सेक्टर 18 से 20 % के दायरे में आ जाएगा |
  7. Entertainment Business को लाभ : 22 से 24 % टैक्स वाले इस सेक्टर को फायदा होगा | टैक्स का दायरा घट कर 18 से 20 % तक आने कि उम्मीद है |

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